मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "ज्यादातर कोरोना पॉजिटिव मरीज हल्के लक्षण/बिना लक्षण वाले ही होते हैं इनको क्वारंटाइन करने के लिए व्यवस्था कहां से करेंगे? रेलवे ने आइसोलेशन कोच दिए हैं लेकिन उसके अंदर इतनी गर्मी में कोई कैसे रहेगा? हमारी प्राथमिकता गंभीर मरीजों के लिए होनी चाहिए या बिना लक्षण और हल्के लक्षण वालों के लिए?
केजरीवाल ने कहा, "मेडिकल स्टाफ़ की पहले से ही कमी है, अब हज़ारों मरीजों के लिए क्वारन्टाइन सेन्टर पर डॉक्टर-नर्स कहां से आएंगे? क्वारंटाइन होने के डर से अब हल्के लक्षण और बिना लक्षण वाले लोग टेस्ट कराने से बचेंगे, इससे संक्रमण और फैलेगा. इससे दिल्ली में अफ़रा तफ़री हो जाएगी और पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी. पूरी दुनिया में ऐसा कहीं नहीं किया गया कि बिना लक्षण वाले मरीज़ों को कोई सरकार क्वॉरंटीन सेंटर में लेकर आए.
उप राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष के तौर पर आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि हर कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को पांच दिन के लिए अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा. इसके बाद ही किसी व्यक्ति को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा.

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