जानें कोविड केयर आइसालेशन कोच किस तरह से गर्मी का मुकाबला करेंगे?
1. कवर शीट्स (White Canat) या अन्य उपयुक्त सामग्री को प्लेटफार्मों पर तैनात आइसोलेशन कोचों के ऊपर बिछाया जा रहा है. उम्मीद है कि इससेबाहर की गर्मी के प्रकोप को कोचों में कम करने में मदद मिलेगी
2. कोचों पर बबल रैप की फिल्में लगाई जा रही हैं जिससे कोच के अंदर के तापमान में 1° सेल्सियस की कमी आने की संभावना है.
3. नॉर्दर्न रेलवे द्वारा आइसोलेशन डिब्बों की छत को हीट रिफ्लेक्टिव पेंट के साथ पेंट करके ट्रायल किया गया था. परीक्षण के दौरान, यह पाया गया कि डिब्बों के अंदर का तापमान 2.2 °C तक कम किया जा सकता है.
4. IIT, मुंबई के सहयोग से विकसित एक अन्य कोटिंग के लिए भी ट्रायल की योजना बनाई जा रही है. यह ट्रायल 20 जून को किया जाएगा औरपरिणाम पर नजर रखी जाएगी. रेलवे कोचों की छत को पेंट करने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. तापमान को काम करने के लिए बांस के ठाठ जैसी वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार हो रहा है.
.5. कोचों के अंदर पोर्टेबल कूलर लगाकर ट्रायल किया गया है. इन कूलरों का उपयोग करके तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ था.
6. वाटर मिस्ट सिस्टम (पानी की फुहार) जैसे उपायोग को भी आजमाया जा रहा है. शुष्क हवा के मौजूदा मौसम में यह उम्मीद की जाती है कि इसके कारण तापमान में कमी आएगी.
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